Varanasi Ganga Water Level : वाराणसी में बीते 24 घंटे तक स्थिर रहने के बाद शुक्रवार सुबह 8 बजे से गंगा नदी एक बार फिर तेज़ी से बढ़ने लगी है। इस बार जलस्तर में प्रति घंटे 5 सेंटीमीटर की दर से इजाफा हो रहा है, जिससे घाट किनारे बसे लोगों की चिंता फिर से बढ़ गई है। कई लोग अपने दुकानें और सामान समेटने में जुट गए हैं। वहीं वरुणा क्षेत्र के कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोग अपने जरूरी सामान को दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 69.2 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 70.26 मीटर से 1.31 मीटर नीचे है। हालांकि, गंगा का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है। दोपहर 2 बजे तक जलस्तर 68.95 मीटर तक पहुंच गया।
छत और गलियों में हो रहा अंतिम संस्कार
बढ़ते जलस्तर की वजह से मणिकर्णिका घाट पर स्थित चिता स्थलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि 10 जुलाई से घाट की छत पर ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। यह सिलसिला पिछले साल भी शुरू हुआ था जब 5 अगस्त से छत पर शवदाह शुरू किया गया था।
इसी तरह हरिश्चंद्र घाट पर भी बाढ़ का असर दिखने लगा है। पानी घाट के किनारे तक पहुंच गया है और 14 जुलाई से वहां की गलियों में शवों का दाह-संस्कार किया जा रहा है। संकरी गलियों में शवयात्रा निकालना बेहद कठिन हो रहा है, जिससे परिजन और शववाहन वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजघाट पुल के नीचे बंधी नावें
राजघाट पुल के नीचे गंगा में तेज बहाव के बीच मल्लाहों की नावें किनारे पर बांध दी गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से नावों का संचालन रोक दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।










