वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी के बाद व्हाइट हाउस ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
व्हाइट हाउस का सख्त संदेश
White House के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना पहले भी किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार थी और आगे भी पूरी तरह सतर्क है।
अधिकारी के मुताबिक, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90 फीसदी तक कमी आई है, जो अमेरिका की तैयारियों को दर्शाता है।
ईरान की बड़ी धमकी
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी नेताओं की हत्या जारी रही, तो वह अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाएगा।
IRGC ने 18 अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी करते हुए दावा किया कि ये कंपनियां अमेरिका और इजरायल की सैन्य एवं खुफिया एजेंसियों की मदद कर रही हैं।
Google-Apple समेत 18 कंपनियां निशाने पर
ईरान की चेतावनी में कई बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं, जैसे:
Google
Microsoft
Apple
Meta
Intel
Tesla
Boeing
इसके अलावा Cisco, IBM, Oracle, Dell, Nvidia और JP Morgan जैसी कंपनियां भी सूची में शामिल हैं।
कॉर्पोरेट सेक्टर में बढ़ी चिंता
ईरान ने इन कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपनी सुरक्षा को देखते हुए कार्यस्थल छोड़ दें।
इस धमकी के बाद वैश्विक कॉर्पोरेट सेक्टर में चिंता बढ़ गई है और साइबर व फिजिकल सिक्योरिटी को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
तनाव के नए आयाम
अब तक यह टकराव सैन्य ठिकानों तक सीमित था, लेकिन टेक कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी ने इस संघर्ष को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद साइबर युद्ध और आर्थिक मोर्चे तक भी फैल सकता है।










