तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री माजिद इब्न अल-रेजा की मौत एक हवाई हमले में हो गई है। दावा किया जा रहा है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल की ओर से किया गया था।
बताया जा रहा है कि इजरायल ने ईरान के एक अहम सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया, जहां माजिद इब्न अल-रेजा मौजूद थे। हमला अत्याधुनिक मिसाइलों और ड्रोन की मदद से किया गया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। खास बात यह है कि उन्हें रक्षा मंत्री का पद संभाले महज 48 घंटे ही हुए थे।
सिर्फ दो दिन का रहा कार्यकाल
माजिद इब्न अल-रेजा को हाल ही में ईरान का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे ईरानी सेना और सुरक्षा एजेंसियों में कई अहम पदों पर कार्य कर चुके थे। शनिवार को पूर्व रक्षा मंत्री नासिरजादेह की मौत के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सैयद माजिद को ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों में गिना जाता था। रक्षा मंत्री बनने से पहले वे ब्रिगेडियर जनरल के पद पर तैनात थे और सैन्य प्रशासन तथा लॉजिस्टिक्स के विशेषज्ञ माने जाते थे। वे ईरान के सशस्त्र बल सामाजिक सुरक्षा संगठन (SATA) के अध्यक्ष भी रह चुके थे, जो सेना के आर्थिक हितों और उनके परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा प्रभावशाली संगठन है।
ईरान का कड़ा रुख, हाई अलर्ट घोषित
घटना के बाद ईरान सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि रक्षा मंत्री की मौत का जवाब दिया जाएगा। राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
संघर्ष का असर आम नागरिकों पर भी दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की खबर है। लोग दहशत के माहौल में सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने की सूचना मिल रही है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।










