वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार ने कैंसर पीड़ितों के इलाज और सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब आईएमएस बीएचयू सहित प्रदेश के 11 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में डे-केयर कैंसर सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों में मरीजों को 24 घंटे कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध होगी और कीमोथेरेपी की दवाइयां एक लाख से पांच लाख रुपये तक की कीमत में भी निशुल्क दी जाएंगी।
11 शहरों में खुलेंगे सेंटर
लखनऊ में सबसे अधिक चार सेंटर बनेंगे, जबकि पूर्वांचल में वाराणसी और गोरखपुर में भी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा आगरा, प्रयागराज, मेरठ और अलीगढ़ में भी डे-केयर कैंसर सेंटर बनाए जाएंगे। आईएमएस बीएचयू को इस योजना का नोडल सेंटर बनाया गया है, जिससे वाराणसी और आसपास के जिलों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
आईएमएस बीएचयू का डे-केयर सेंटर
बीएचयू में 20 बेड वाला डे-केयर कैंसर सेंटर तैयार किया जाएगा। वर्तमान में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की ओपीडी के पास खाली जगह का उपयोग कर सेंटर बनाया जाएगा। यहां हर दिन करीब 60 मरीजों को कीमोथेरेपी का लाभ मिलेगा। एक मरीज का इलाज लगभग 8 घंटे में पूरा होगा, जिससे 20 बेड पर 24 घंटे में 60 मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा।
नोडल अधिकारी और संचालन
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि प्रो. मनोज पांडेय को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सेंटर के संचालन और कैंसर पीड़ितों को निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार सुनिश्चित करेगी।
निशुल्क जांच और इलाज
सेंटर में ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा होगी। इस पहल से मरीजों को अस्पताल पहुंचने पर बेहतर और समयबद्ध इलाज मिल सकेगा।
सेंटरों की सूची
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आईएमएस बीएचयू, वाराणसी
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केजीएमयू, लखनऊ
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एसजीपीजीआई, लखनऊ
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केएसएससीआई, लखनऊ
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आरएमएलएमआईएस, लखनऊ
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एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज (केके कैंसर इंस्टीट्यूट), कानपुर
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर
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एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ
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मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज
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जेएनएमसी, एएमयू, अलीगढ़
इस पहल से उत्तर प्रदेश में कैंसर पीड़ितों को बेहतर इलाज और राहत मिलने की उम्मीद है।










