वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुंदरीकरण कार्य से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर कथित रूप से भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को चौक थाने में आठ लोगों और एक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कार्यदायी संस्था की तहरीर के आधार पर की गई है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और फोटो में भारत सरकार की तुलना विदेशी आक्रांता औरंगजेब से की गई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की स्थिति पैदा हुई।
एआई से बने कंटेंट फैलाने का आरोप
डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि आरोपितों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। इन पोस्टों में मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर भ्रामक दावे और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। कुछ असामाजिक तत्वों ने इन पोस्टों को री-ट्वीट कर माहौल को और भड़काने की कोशिश की।
कार्यदायी संस्था ने दी तहरीर
जीवीएस इंजीनियर कंसल्टेंट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मनो, निवासी वी सेतुराजापुरम (रामानाथपुरम, तमिलनाडु), ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी मणिकर्णिका घाट पर स्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने और सुंदरीकरण का कार्य करा रही है। सोशल मीडिया पर फैलाए गए कंटेंट से आमजन, विशेषकर हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले लोगों को भ्रमित किया गया और समाज में आक्रोश फैलाने का प्रयास हुआ।
नगर निगम की भी शिकायत
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संगम लाल ने भी इस मामले में तहरीर दी, जिसमें एआई का उपयोग कर एक्स हैंडल पर दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया गया है।
इन पर दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के कांग्रेस नेता पप्पू यादव, हरियाणा की कांग्रेस नेता जसविंदर कौर और आशुतोष पोटनिस के खिलाफ प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं नगर निगम की तहरीर के आधार पर प्रज्ञा गुप्ता, मनीष सिंह, रितु राठौर और संदीव देव के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर फैलाए गए कंटेंट की तकनीकी पड़ताल भी की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।










