वाराणसी: माघ मास की पावन मौनी अमावस्या पर धार्मिक नगरी काशी में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचकर पुण्य स्नान, पूजा-अर्चना और पितृ तर्पण में जुटे रहे।

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है। श्रद्धालुओं ने मौन व्रत रखकर दान-पुण्य भी किया और पूर्वजों की शांति के लिए तर्पण किया।
दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, अस्सी घाट, तुलसी घाट समेत अन्य प्रमुख घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान के बाद भक्तों ने मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
धार्मिक पुरोहितों के अनुसार, मौनी अमावस्या पर किया गया स्नान और दान विशेष फलदायी होता है। इससे पितृ दोष शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ठंड और कोहरे के बावजूद काशी में श्रद्धालुओं की आस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भक्ति के आगे मौसम भी बाधा नहीं बन पाता।










