महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की NAAC में ए ग्रेडिंग न मिलने पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सख्त नाराजगी जताई। काशी विद्यापीठ के 47वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब दोनों विश्वविद्यालयों की NAAC रिपोर्ट देखी, तो वे रैंकिंग देखकर काफी निराश हुए। राज्यपाल ने कहा कि शासन और राजभवन की ओर से सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, बावजूद इसके विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन कमजोर रहा, जो “शर्मनाक” है।
सुविधाएं पूरी, फिर भी बी ग्रेड, वजह बताएं कुलपति
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालयों को हर सुविधा दी गई, तो फिर ए ग्रेड क्यों नहीं मिली? उन्होंने कुलपति से पूछा कि आखिर कमी कहां रह गई।
आनंदीबेन ने यह भी कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि छात्र क्लास में नहीं जाते और शिक्षक भी पढ़ाने नहीं आते? उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल बताया।
हॉस्टलों की हालत बेहद खराब
राज्यपाल ने छात्रावासों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हॉस्टलों की हालत दयनीय है, जबकि यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में स्थित है। उन्होंने कहा, “यहां की स्थिति देखकर कहीं से नहीं लगता कि हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने थर्ड जेंडर छात्रों को डिग्री प्रदान किए जाने की सराहना की और इसे सकारात्मक पहल बताया।
शराब की बोतलें मिलती हैं”
राज्यपाल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि हॉस्टलों में बाहरी लोग रहते हैं और वहां शराब व नशीले पदार्थों की बोतलें तक पाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी तस्वीरें उनके पास मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, “जब छात्रावास में रहने और खाने के पैसे दिए जाते हैं, तो मेस संचालक कैसे भाग गया? और उसके खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया?” आनंदीबेन ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के हॉस्टल में भी बाहरी लोग रह रहे हैं, जिन्हें पुलिस की मदद से खाली कराया जाएगा। इसी तरह शोध छात्रावास को भी जल्द खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय महात्मा गांधी के नाम पर स्थापित है, लेकिन यहां के हॉस्टल और जिम की हालत बेहद खराब है। उन्होंने सफाई व्यवस्था को सुधारने और छात्रावासों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।










