वाराणसी। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को वाराणसी में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। बारिश के बावजूद पुलिसकर्मियों का जज़्बा देखने लायक था। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस लाइन से आयोजित ‘Run For Unity’ कार्यक्रम का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया गया।

बारिश और फिसलन भरी सड़कों के बीच भी थाना कैंट पुलिस के जवानों ने हौसला नहीं खोया। भीगते आसमान के नीचे उन्होंने एकजुट होकर दौड़ लगाई और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया। दौड़ परमवीर चौक स्थित नेहरू पार्क से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः परमवीर चौक पर समाप्त हुई।
दौड़ में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा, इंस्पेक्टर क्राइम सत्यप्रकाश यादव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राम केवल यादव, नदेसर चौकी प्रभारी सुमित पांडेय, कचहरी चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार मिश्रा, फूलवरिया चौकी प्रभारी दीक्षा पांडेय, अर्दली बाजार चौकी टीम, थाने के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस लाइन की महिला रंगरूटों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

इसी तरह, एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने 2 किलोमीटर की दौड़ लगाई। उन्होंने कहा— “यह सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और मजबूती का प्रतीक है। हर कदम भारत को और सशक्त बनाता है।”

पूरा वातावरण ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘लौह पुरुष अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। बारिश में भी पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी की शान बनाए रखते हुए दौड़ पूरी की और सरदार पटेल के आदर्शों को नमन किया।
अधिकारियों ने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दौड़ के माध्यम से हम एकता, समर्पण और देशभक्ति का संदेश दे रहे हैं।
हर साल 31 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) मनाया जाता है। यह दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को समर्पित है, जिन्होंने आज़ादी के बाद 565 रियासतों को भारत संघ में मिलाकर एक अखंड भारत का निर्माण किया था।
साल 2014 में केंद्र सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस वर्ष यह दिवस ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर मनाया जा रहा है, जो देश की एकता, आत्मनिर्भरता और मजबूती के संकल्प को दर्शाता है।










