पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजधानी कोलकाता समेत कई जिलों में लॉकडाउन जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। चुनाव आयोग ने सभी मतगणना केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू कर दी है।
सोमवार को होने वाली मतगणना और नतीजों को देखते हुए पूरे राज्य में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर थ्री-लेयर सिक्योरिटी
मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम के 200 मीटर दायरे में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। केवल चुनाव आयोग की ओर से जारी QR कोड वाले पहचान पत्र धारकों को ही अंदर जाने की अनुमति होगी।
राज्यभर में करीब 700 कंपनियां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनात की गई हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
कई इलाकों में नो-फ्लाइंग जोन घोषित
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के तामलुक, हल्दिया, कांथी और एगरा स्थित मतगणना केंद्रों को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। यहां ड्रोन उड़ाने, पटाखे फोड़ने और विजय जुलूस निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
कोलकाता में सख्त पाबंदियां
अजय नंद ने बताया कि मतगणना केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, प्रदर्शन और जुलूस निकालने पर रोक रहेगी।
लॉर्ड सिन्हा रोड समेत कई प्रमुख मार्गों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इन काउंटिंग सेंटरों पर खास नजर
कोलकाता के जिन प्रमुख केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा लगाई गई है, उनमें शामिल हैं—
- हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स
- एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज
- सेंट थॉमस बॉयज हाई स्कूल
- बालीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल
- डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज
चुनाव आयोग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
चुनाव आयोग ने किसी भी शिकायत के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003450008 जारी किया है। साथ ही ईमेल के जरिए भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतगणना के दिन के लिए तैयार सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पर्याप्त है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










