वाराणसी। जातिगत राजनीति को लेकर शिवसेना के प्रवक्ता ओपी मिश्रा ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीति में जाति का समावेश कहीं न कहीं समाज, देश और अर्थव्यवस्था तीनों के लिए नुकसानदेह साबित होता है। किसी भी राजनीतिक दल की नीति और कार्यशैली साफ-सुथरी और समावेशी होनी चाहिए, न कि जाति के आधार पर बंटी हुई।
ओपी मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देते हुए कहा कि सीएम योगी कभी भी किसी जाति विशेष को लेकर टिप्पणी नहीं करते और सभी वर्गों तथा जातियों का समान रूप से सम्मान करते हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्मण समुदाय से होने के बावजूद उनके भीतर कहीं भी जातिवाद की सोच नहीं दिखाई देती और वे सभी को बराबरी की नजर से देखते हैं।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि कई बार पिछड़ी जाति या सत्ताधारी दलों से जुड़े कुछ नेता जातिगत सोच से प्रभावित नजर आते हैं। वे केवल अपनी ही जाति का समर्थन करते हैं और अन्य वर्गों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बिल्कुल गलत है। राजनीति करने वालों को सभी वर्गों और समुदायों को समान दृष्टि से देखना चाहिए।
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ओपी मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि राजनीति में जाति को आधार बनाना सरासर गलत है। देश और समाज के विकास के लिए जरूरी है कि स्वच्छ, पारदर्शी और जातिवाद से ऊपर उठकर राजनीति की जाए, ताकि हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सके।










