महाशिवरात्रि पर काशीपुराधिपति का होगा भव्य श्रृंगार, रुद्राक्ष और मेवों के सेहरे में भक्तों को दर्शन देंगे बाबा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी। पावन नगरी काशी में महाशिवरात्रि का पर्व इस बार भी भव्य और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर काशीपुराधिश्वर बाबा विश्वनाथ दूल्हे के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। बाबा का अलौकिक श्रृंगार रुद्राक्ष, फल, मेवा और पुष्पों से बने विशेष सेहरे से किया जाएगा, जो आस्था और परंपरा का अनूठा संगम होगा।

महाशिवरात्रि पर बाबा का दूल्हा श्रृंगार काशी की सदियों पुरानी परंपरा मानी जाती है। रुद्राक्ष से निर्मित सेहरा बाबा के वैराग्य, तपस्या और शिवतत्व का प्रतीक है, वहीं फल, मेवा और पुष्प शुभता, मंगलभाव और भक्तों की श्रद्धा को दर्शाते हैं।

टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत के आवास से शिव बारात के साथ यह सेहरा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगा। इसके बाद मंदिर में बाबा की चल प्रतिमा के साथ चारों पहर होने वाली आरतियों के दौरान यह सेहरा विराजमान रहेगा।

इस आयोजन से जुड़े वाचस्पति तिवारी ने बताया कि सेहरा पूरी तरह प्राकृतिक और धार्मिक सामग्री से तैयार किया जा रहा है। इसमें रुद्राक्ष के साथ मखाना, लौंग, इलायची, अंगूर और सुगंधित पुष्पों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि महाशिवरात्रि के दिन श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में चारों पहर सप्तर्षि आरती संपन्न होगी, जिसका संचालन पं. शशिभूषण त्रिपाठी ‘गुड्डु महाराज’ के नेतृत्व में किया जाएगा।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें