मुंबई। अब ऑनलाइन खाना मंगवाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
कंपनी अब हर ऑर्डर पर 12.50 रुपये की जगह 14.90 रुपये (प्री-जीएसटी) प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है। यानी फीस में 2.40 रुपये या करीब 19.2% की बढ़ोतरी की गई है। इससे ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना अब पहले के मुकाबले थोड़ा महंगा हो जाएगा।
Swiggy से सीधी टक्कर
Zomato के इस फैसले के बीच उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनी Swiggy फिलहाल टैक्स सहित 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस ले रही है। आमतौर पर दोनों कंपनियां एक-दूसरे के प्राइसिंग ट्रेंड्स को फॉलो करती हैं, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है।
मार्केट में नई एंट्री से बढ़ी चुनौती
इसी बीच Rapido ने बेंगलुरु में ‘Ownly’ नाम से अपनी फूड डिलीवरी सेवा शुरू कर दी है। इस प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों और रेस्टोरेंट्स से डिलीवरी चार्ज के अलावा कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जा रही, जिससे बाजार में नई प्रतिस्पर्धा खड़ी हो गई है।
LPG संकट का असर संभव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलपीजी सप्लाई में संभावित दिक्कतों का असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। कुछ रेस्टोरेंट्स ने गैस की बचत के लिए अपने मेन्यू में बदलाव शुरू कर दिया है। हालांकि, बड़ी क्यूएसआर (QSR) कंपनियों के पास फिलहाल 7 से 15 दिनों का गैस स्टॉक मौजूद है।
बिजनेस पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि Zomato और Swiggy जैसे फूडटेक प्लेटफॉर्म्स का कारोबार पूरी तरह रेस्टोरेंट इकोसिस्टम पर निर्भर करता है। अगर सप्लाई में लंबे समय तक बाधा रही, तो ऑर्डर में कमी आ सकती है और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में EBITDA में 7-8% तक गिरावट संभव है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अनुसार, देश में 6 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट हैं, जिनमें फिलहाल 5% से कम बंद हैं। लेकिन अगर सप्लाई 10-15 दिन तक प्रभावित रहती है, तो 10-20% आउटलेट्स बंद होने का खतरा है।
शेयर बाजार में Zomato का प्रदर्शन
शुक्रवार को शेयर बाजार में Zomato के शेयर 1.86% की बढ़त के साथ 233 रुपये पर बंद हुए। वहीं, पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में करीब 10.22% की तेजी दर्ज की गई है।










