Operation Mahadev : भारतीय सेना को आतंक के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी मिली है। सोमवार को श्रीनगर के लिडवास इलाके में ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत सेना ने तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन की जानकारी इंडियन आर्मी की चिनार कॉर्प्स ने साझा की है।
हाशिम मूसा के मारे जाने की संभावना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढेर किए गए आतंकियों में हाशिम मूसा भी शामिल हो सकता है, जिसे 22 अप्रैल को बायसरन घाटी में हुए पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। हालांकि, सेना ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सेना के मुताबिक, आतंकियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और मंगलवार को ऑपरेशन की पूरी जानकारी साझा की जाएगी।
आतंकियों के पास से भारी हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद सेना ने आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47 राइफल, 17 राइफल ग्रेनेड और कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की हैं। यह इशारा करता है कि आतंकी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
ऐसे चला ऑपरेशन महादेव
सेना को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर सोमवार सुबह इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी दौरान दो बार फायरिंग की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है।
बायसरन घाटी हमला
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से करीब 6 किलोमीटर दूर बायसरन घाटी में तीन आतंकियों ने पर्यटकों पर अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों को निशाना बनाया था, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
सामने आए थे तीन आतंकी, दो पाकिस्तानी
24 अप्रैल को अनंतनाग पुलिस ने हमले के तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए थे:
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आदिल हुसैन ठोकर – अनंतनाग निवासी
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हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान – पाकिस्तान का नागरिक, बताया जाता है कि वह पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस यूनिट का पूर्व कमांडो है
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अली उर्फ तल्हा भाई – पाकिस्तान का नागरिक
मूसा और अली पर 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
हाल ही में एनआईए ने इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने जिन आतंकियों के नाम बताए, वे यही तीन थे या कोई और। हालांकि अब तक की घटनाओं से यह संकेत मिल रहे हैं कि ऑपरेशन महादेव उसी आतंकवादी मॉड्यूल के खिलाफ चलाया गया, जो बायसरन घाटी हमले के लिए जिम्मेदार था।










