AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 15 अगस्त के अवसर पर बूचड़खानों और मांस की दुकानों को बंद करने के आदेश की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे न केवल संवेदनहीन, बल्कि असंवैधानिक भी बताया। बुधवार को ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में ओवैसी ने सवाल उठाया कि मांस खाने और स्वतंत्रता दिवस मनाने के बीच आखिर क्या संबंध है।
ओवैसी ने लिखा, “देशभर में कई नगर निगमों ने 15 अगस्त को मांस की बिक्री पर रोक का आदेश दिया है। दुर्भाग्य से GHMC ने भी यही कदम उठाया है। तेलंगाना के 99% लोग मांसाहारी हैं। इस तरह का प्रतिबंध लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकार का उल्लंघन करता है।”
GHMC का आदेश और नियम
ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) ने स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी पर बूचड़खानों व मांस की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह आदेश GHMC अधिनियम, 1955 की धारा 533 (B) के तहत दिया गया है। निगम आयुक्त ने इसे हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा के पुलिस आयुक्तों को भेजा है।
इसके अलावा, सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों, सहायक और उप निदेशकों, जोनल व अतिरिक्त कमिश्नरों को आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, तेलंगाना राज्य भेड़ एवं बकरी विकास सहकारी संघ और पशुपालन विभाग को भी पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
मुंबई में भी विरोध
मुंबई नगर निगम ने भी इसी तरह के आदेश जारी किए हैं, जिसका विपक्षी दलों की ओर से विरोध किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि ऐसे प्रतिबंध नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में अनावश्यक दखल हैं।










