भोजपुरी सुपरस्टार और गायक पवन सिंह ने पत्नी ज्योति सिंह से चल रहे विवाद के बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने अपने भोजपुरिया समाज को संबोधित करते हुए कहा, “मैं पवन सिंह अपने समाज से बताना चाहता हूं कि मैंने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी जॉइन नहीं की थी। ना ही मुझे चुनाव लड़ना है। मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और हमेशा रहूंगा।”
दरअसल, कल ही उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से 20 मिनट की मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उनके साथ अन्याय हुआ है और ऐसा किसी अन्य महिला के साथ नहीं होना चाहिए।
दिल्ली में अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात
पवन सिंह हाल ही में दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिले थे। इस मुलाकात के बाद से भोजपुरी स्टार की बीजेपी में वापसी की चर्चाएं जोर पकड़ गई थीं।
पवन सिंह पहली बार 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। इसके बाद 22 मई 2024 को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उस समय वे प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे।
दिल्ली में नेताओं से मुलाकात के बाद पवन सिंह ने कहा था, “मैं कभी भाजपा से दूर नहीं गया था, बस परिस्थितियां अलग थीं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर पवन सिंह की वापसी होती है, तो शाहाबाद क्षेत्र (भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर) की 22 विधानसभा सीटों पर पार्टी को फायदा हो सकता है।










