लोकसभा में हंगामे की भेंट चढ़ा पीएम मोदी का भाषण, ‘किताब’ को लेकर सदन में महासंग्राम

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार शाम 5 बजे लोकसभा में बोलना था, लेकिन विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के चलते उनका संबोधन टल गया। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने पीपी चौधरी को बोलने का अवसर दिया, लेकिन शोर-शराबे के कारण सदन में कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। हालात को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। लगातार तीसरे दिन भी धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी। दिन में स्पीकर, संसदीय कार्य मंत्री और गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक जरूर हुई, लेकिन विपक्ष के साथ किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका।

लोकसभा में ‘किताब’ को लेकर सियासी संग्राम

बुधवार को संसद के भीतर किताबों को लेकर एक अनोखा सियासी टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब लेकर सदन पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुसे थे, तब भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई करना चाहती थी।

राहुल गांधी के इस कदम पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार करते हुए संसद में 100 किताबें लेकर एंट्री की। उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास का सच देश के सामने आना चाहिए। किताबों की इस खींचतान और जुबानी जंग ने सदन का माहौल इतना गर्म कर दिया कि कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

अखिलेश और प्रियंका गांधी के तीखे हमले

सदन के बाहर भी विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखे हमले किए। प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सवालों से डरकर सदन में नहीं आ रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई नई ट्रेड डील को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे और सरकार चीन को भारतीय बाजार सौंप रही है, जबकि चीन पहले ही भारतीय जमीन पर कब्जा कर चुका है।

विपक्ष का कहना है कि सरकार गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय पुरानी कहानियों में उलझी हुई है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

राज्यसभा में भी हंगामा

लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी हंगामे का माहौल रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की आलोचना वाली किताबें लहराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर दिए गए बयान को लेकर भी तीखी बहस देखने को मिली।

शाम 5 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर केंद्रीय मंत्रियों की सीटों तक पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस अभूतपूर्व गतिरोध के बाद अब सभी की नजरें गुरुवार को होने वाली अगली बैठक और सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें