इजरायल से पीएम मोदी का आतंकवाद पर सख्त संदेश, बोले- भारत और इजरायल कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे

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तेल अवीव। इजरायल दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इजरायल की धरती से दिए गए उनके इस बयान को पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजरायल लंबे समय से आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ साथ खड़े रहे हैं और आगे भी यह सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुटता जरूरी है।

पश्चिम एशिया में शांति भारत के हित में

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता भारत के सीधे हित से जुड़ी है। इसलिए भारत हमेशा संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता रहा है। उन्होंने ‘गाजा पीस प्लान’ को शांति की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया और कहा कि क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर इजरायली नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा हुई है।

‘इजरायल आना गर्व और भावनात्मक अनुभव’

प्रधानमंत्री ने अपने और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नौ वर्ष पहले उन्हें इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला था और एक बार फिर यहां आना गर्व और भावनात्मक अनुभव है। इजरायली संसद की ओर से मिले सम्मान के लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया।

‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-इजरायल संबंध गहरे विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा हितों पर आधारित हैं। दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का फैसला किया है, जिससे सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।

व्यापार, टेक्नोलॉजी और रक्षा में नई गति

प्रधानमंत्री ने बताया कि आपसी निवेश बढ़ाने के लिए पिछले वर्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) हुआ है और जल्द ही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में काम हो रहा है। टेक्नोलॉजी को साझेदारी का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल में UPI के उपयोग को लेकर भी समझौता हुआ है।

रक्षा क्षेत्र में दशकों पुराने सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी है। दोनों देश ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी और संयुक्त उत्पादन (जॉइंट प्रोडक्शन) की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

कृषि और इनोवेशन पर विशेष जोर

इजरायल के सहयोग से भारत में स्थापित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की संख्या 100 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ परियोजना के जरिए इजरायली कृषि तकनीक को भारत के गांवों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही भारत में इंडिया-इजरायल इनोवेशन एग्रीकल्चर सेंटर और इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम की स्थापना की भी घोषणा की गई है।

प्रधानमंत्री के इस दौरे को भारत-इजरायल संबंधों के लिए एक अहम पड़ाव माना जा रहा है, जहां सुरक्षा से लेकर कृषि और तकनीक तक कई क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिली है।

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Author: News Rastra

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