उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य तेज़ी से जारी है। इस बीच इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी थमने का नाम नहीं ले रही। यूपी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने एसआईआर को लेकर समाजवादी पार्टी के रुख पर बड़ा हमला बोला है।
सपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाने की कोशिश लोकतंत्र और देश दोनों के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईआर एक पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाना है, ताकि सही और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार हो सके।
उन्होंने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“सपा का एजेंडा रोहिंग्या और घुसपैठियों को मतदान का अधिकार दिलाकर देश को कमजोर करना है।”
चौधरी ने कहा कि बिहार में भी इसी तरह नेगेटिव माहौल बनाया गया, जिससे यह साफ होता है कि विपक्ष जनता को गुमराह कर राजनीतिक अनिश्चितता पैदा करना चाहता है।
महमूद मदनी के बयान पर भी प्रतिक्रिया
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि 2014 से लेकर अब तक जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार जनादेश दिया है। यही वजह है कि विपक्ष हताश और निराश है।
दर्पण को दोष न दें, अपने चेहरे देखें
भूपेंद्र चौधरी ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा, इस तरह की बयानबाजी समाज में अनिश्चितता का वातावरण पैदा करती है। हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं और जनता को उस पर पूरा भरोसा है। ऐसे नेताओं को दर्पण को दोष देने के बजाय अपने चेहरे देखने चाहिए।
एसआईआर को लेकर जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ रहा है, राजनीतिक बयान भी और अधिक तेज होते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।










