बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें बड़ा राजनीतिक निर्णय लिया गया। बैठक के बाद कांग्रेस एमएलसी समीर सिंह ने बताया कि तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से महागठबंधन विधायक दल का नेता चुना गया है।
सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगा महागठबंधन
समीर सिंह ने कहा कि महागठबंधन अब सदन और सड़क दोनों जगह एक मज़बूत, सकारात्मक और सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए ने “वोट चोरी” कर बिहार चुनाव जीता है और इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाया जाएगा। आगामी विधानसभा विशेष सत्र में भी इस विषय को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
RJD–कांग्रेस–लेफ्ट सभी ने जताया समर्थन
महागठबंधन की इस बैठक में आरजेडी, कांग्रेस और वामदल (लेफ्ट पार्टियों) के विधायक शामिल हुए। सभी विधायकों ने तेजस्वी यादव के नाम पर सहमति जताई। तेजस्वी यादव पिछली विधानसभा में भी नेता प्रतिपक्ष थे और अब फिर उन्हें वही ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलता है और वह राज्य की नीतियों एवं महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी रखता है।
राघोपुर से जीते तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से 14,532 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 1,18,597 वोट मिले। शुरुआती रुझानों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजस्वी ने निर्णायक बढ़त बनाई और सीट अपने नाम की।
करारी हार के बाद भी एकजुट महागठबंधन
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। गठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमट गया।
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आरजेडी: 25
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कांग्रेस: 6
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सीपीआई (माले): 2
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माकपा: 1
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इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी: 1
वहीं, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) एक भी सीट नहीं जीत पाई। दूसरी तरफ एनडीए ने 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया।
महागठबंधन भले ही हार गया हो, लेकिन अब तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट होकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।










