लोकसभा में गरमाई सियासत: BJP सांसद निशिकांत दुबे की जवाहर लाल नेहरू पर आपत्तिजनक टिपप्णी, नेहरू, जानें क्या कहा…

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नई दिल्ली। लोकसभा में चर्चा के दौरान बुधवार को सियासी माहौल उस वक्त गर्म हो गया, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और गांधी परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक अप्रकाशित किताब को मुद्दा बनाकर पिछले तीन दिनों से संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।

निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी जिस एक किताब को लेकर सवाल उठा रहे हैं, उसके जवाब में वह 100 किताबें लेकर संसद भवन आए हैं। उन्होंने कहा, “नेहरू-गांधी परिवार के मक्कारी और सच्चाई भरे इतिहास को देश के सामने आना चाहिए।”

नेहरू-गांधी परिवार पर सीधे आरोप

भाजपा सांसद ने कहा कि देश के बंटवारे के समय माउंटबेटन और एडविना के साथ मिलकर किस तरह फैसले लिए गए, यह सब इतिहास का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू, एडविना के साथ बैठकर देश की अहम जानकारियां साझा करते थे। दुबे ने कहा, “राहुल गांधी जी, बिना छपी किताब को लेकर आपने तीन दिनों से संसद को बंधक बना रखा है। क्यों न कुछ छपी हुई किताबों पर भी सदन में बहस हो? नेहरू-गांधी परिवार का इतिहास झूठ, मक्कारी, भ्रष्टाचार और देश को तोड़ने वालों से जुड़ा रहा है।”

कांग्रेस पर देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप

निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि जिन किताबों में यह सब लिखा है, उन पर नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को बार-बार नुकसान पहुंचाया और भ्रष्टाचारियों व देश तोड़ने वाली ताकतों का साथ दिया। उन्होंने कहा, “नेहरू-गांधी परिवार खुद को देश का राजा समझता है और आज भी राजशाही मानसिकता में जी रहा है। हम चाहते हैं कि इन किताबों पर भी संसद में चर्चा हो।”

राहुल गांधी का पलटवार

इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार (4 फरवरी 2026) को पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब की प्रति लेकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने किताब के एक अंश का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दायित्व का ठीक से निर्वहन नहीं किया।
राहुल गांधी ने कहा था कि यदि प्रधानमंत्री सदन में आते हैं, तो वह यह किताब उन्हें गिफ्ट करेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

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Author: News Rastra

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