लखनऊ। महिला आरक्षण कानून में संभावित संशोधन को लेकर सियासत गरमा गई है। खबर है कि केंद्र की Government of India इस सत्र में संशोधन विधेयक ला सकती है, जिससे लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन से पहले ही आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ हो सकता है।
इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया Akhilesh Yadav का भी इस मुद्दे पर बयान सामने आया है।
अखिलेश यादव ने रखी पार्टी की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी का रुख पहले जैसा ही है। उन्होंने कहा कि पार्टी आधारित आरक्षण (Party-wise Reservation) लागू होना चाहिए और राजनीतिक दलों को आरक्षण तय करने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा के प्रतिनिधि सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे।
मिडिल ईस्ट मुद्दे पर भी बोले
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि युद्ध से सभी देशों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत के पास कूटनीतिक पहल का मौका था, लेकिन वह चूक गया।
इकरा हसन ने भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी की सांसद Iqra Hasan ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि यह जरूरी कदम है, लेकिन इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि आरक्षण के मानदंड क्या होंगे और इसे किस तरह लागू किया जाएगा, इस पर सरकार को स्पष्टता देनी चाहिए।
सरकार ला सकती है दो विधेयक
सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बजट सत्र में दो विधेयक लाने की तैयारी में है, ताकि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही महिला आरक्षण कानून लागू किया जा सके।
वहीं विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव खत्म होने के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।










