पटना। जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने एक बार फिर बीजेपी नेताओं पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुछ छोटे नेता उन पर आरोप लगाते हैं कि पीके के पास पैसा कहां से आता है और कौन देता है। इस पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि “बिहार के चोर नेताओं को हर जगह चोरी ही दिखती है।”
पैसा सरस्वती से आता है
पीके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पैसा उन लोगों से आता है, जिन्हें उन्होंने पहले मदद की है। गरीब लोग भी बिहार को बेहतर बनाने की सोच रखते हैं और उसी भावना से सहयोग करते हैं।
तीन साल की कमाई और टैक्स का ब्योरा
प्रशांत किशोर ने खुलासा किया कि पिछले तीन साल में उन्होंने कुल 241 करोड़ रुपये फीस के रूप में लिए।
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इसमें से 18% GST और करीब 20 करोड़ आयकर सरकार को दिया।
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लगभग 98 करोड़ रुपये दान कर दिए।
उन्होंने साफ कहा— “हम चोर नहीं, हर पैसे का हिसाब है। पैसा लिया, टैक्स दिया और बाकी दान किया।”
नेताओं पर गंभीर आरोप
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अशोक चौधरी पर उन्होंने बेनामी संपत्ति छिपाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि सात दिन में 500 करोड़ की संपत्ति का खुलासा नहीं हुआ तो वे कैमरे पर सबूत दिखाएंगे।
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सम्राट चौधरी पर पीके ने 1995 की तारापुर हत्याकांड और शिल्पी गौतम रेप-हत्या मामले का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सम्राट को बचाया गया और डिप्टी सीएम बनाया गया। पीके ने ऐलान किया कि वे राज्यपाल से मिलकर उनकी बर्खास्तगी की मांग करेंगे और जरूरत पड़ने पर कोर्ट भी जाएंगे।
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दिलीप जायसवाल पर कॉलेज कब्जाने और आरजेडी से मिलकर अवैध कमाई करने का आरोप लगाया।
“बिहार को जगाना है, लूटना नहीं”
पीके ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ राजनीति करना नहीं, बल्कि बिहार की व्यवस्था सुधारना है। उन्होंने कहा— “मैंने अपने जीवन का सब कुछ बिहार के लिए समर्पित कर दिया है। जन सुराज के साथियों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है।”
पारदर्शिता और न्याय की मांग
पीके ने कहा कि उनके आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं हैं, बल्कि पारदर्शिता और न्याय की मांग है। उन्होंने जनता और प्रशासन से अपील की कि सभी गंभीर आरोपों की जांच हो और दोषियों को सजा मिले।










