वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 नवंबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा करेंगे। इस दौरान वे वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से तीन अन्य वंदे भारत ट्रेनों – लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को भी जनता की सेवा में समर्पित करेंगे।
बाबतपुर एयरपोर्ट से बनारस स्टेशन तक प्रधानमंत्री का कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी बिहार के भभुआ में चुनावी सभा करने के बाद शाम 5 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे मंडुआडीह (बनारस रेलवे स्टेशन) जाएंगे, जहां इस नई वंदे भारत ट्रेन का औपचारिक उद्घाटन होगा। इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार और उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
काशी में उत्सव जैसा माहौल
वाराणसी में प्रधानमंत्री के आगमन और वंदे भारत के शुभारंभ को लेकर माहौल उत्सव जैसा है। रेलवे स्टेशन को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। स्थानीय लोग भी मोदी के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, 8 नवंबर की सुबह वे दरभंगा के लिए रवाना होंगे।
बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस: नई दिशा में तेज रफ्तार सफर
पूर्वोत्तर रेलवे के तहत चलने वाली यह नई वंदे भारत ट्रेन संख्या 26422/26421 के रूप में संचालित होगी।
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ट्रेन संख्या 26422 बनारस से सुबह 5:25 बजे रवाना होकर दोपहर 1:10 बजे खजुराहो पहुंचेगी।
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वापसी में 26421 दोपहर 3:20 बजे खजुराहो से निकलेगी और रात 11 बजे बनारस पहुंचेगी।
यह ट्रेन विंध्याचल, प्रयागराज छिवकी, चित्रकूट धाम, बांदा और महोबा स्टेशनों पर रुकेगी। लगभग 8 घंटे में 640 किमी की दूरी तय करेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन
इस वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 8 कोच हैं, जिनमें 7 चेयर कार और 1 एक्जीक्यूटिव क्लास कोच शामिल है। इसकी कुल यात्री क्षमता 594 लोगों की है। ट्रेन नई दिल्ली के सकूर बस्ती डिपो से रवाना होकर अब बनारस पहुंच चुकी है। एयर-सस्पेंशन तकनीक, प्रीमियम सीटें और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था के साथ यह ट्रेन यात्रियों को आरामदायक और आधुनिक सफर का अनुभव देगी।
वाराणसी से चलने वाली कुल 8 वंदे भारत ट्रेनें
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वाराणसी–नई दिल्ली-वाराणसी
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वाराणसी–देवघर-वाराणसी
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वाराणसी–मेरठ-वाराणसी
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गोमतीनगर–वाराणसी–पटना
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वाराणसी–रांची-वाराणसी
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वाराणसी–नई दिल्ली-वाराणसी
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वाराणसी–आगरा कैंट-वाराणसी
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बनारस–खजुराहो-बनारस
इस नई ट्रेन के साथ काशी की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी, जिससे पूर्वांचल के यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर की एक और सौगात मिलेगी।










