केंद्रीय बजट से पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बड़ी अपेक्षाएं जताई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट सिर्फ चुनावी राज्यों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि पूरे देश के हित में और खासतौर पर मध्यम वर्ग को राहत देने वाला होना चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने सबसे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी और कहा कि उनका लगातार नौवां बजट पेश करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने की अहम जिम्मेदारी वित्त मंत्री के कंधों पर है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट में किसी खास राज्य या चुनावी एजेंडे पर ज्यादा फोकस नहीं होगा। उनका कहना था कि बजट ऐसा होना चाहिए, जिससे हर राज्य और हर नागरिक को समान रूप से लाभ मिले।
मध्यम वर्ग को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बजट में ऐसे प्रावधान होने चाहिए, जिससे आम लोगों की बचत बढ़े। इससे लोग रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी बेहतर योजना बना सकें।
उन्होंने टैक्स सिस्टम में संतुलन की जरूरत पर भी जोर दिया। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आज व्यक्तिगत आयकर सरकार की आय का बड़ा स्रोत बन चुका है, जबकि आम नागरिक पहले से ही जीएसटी और अन्य अप्रत्यक्ष करों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट टैक्स के बीच संतुलन बनाने के लिए टैक्स व्यवस्था की दोबारा समीक्षा जरूरी है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए कहा कि बजट सिर्फ प्रतीकों या चुनावी संदेशों तक सीमित नहीं होना चाहिए। वित्त मंत्री को चुनावी नहीं, बल्कि देशहित में संतुलित और समावेशी बजट पेश करना चाहिए।
इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस सरकार से लोगों को पहले ही कोई उम्मीद नहीं है, उसके बजट से क्या उम्मीद की जाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बजट सिर्फ 5 प्रतिशत लोगों के लिए बनता है और सवाल उठाया कि सरकार अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों पर कितनी खरी उतरी है।










