वाराणसी। काशी में एक बार फिर विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है। चौक मार्ग से दालमंडी बाजार तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने शुक्रवार को ध्वस्तीकरण अभियान दोबारा शुरू कर दिया। प्रशासनिक अमले और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दो दुकानों पर बुलडोज़र और ड्रिल मशीन का संचालन किया गया। बताया गया कि जिन मकानों पर कार्रवाई हुई, उनके मालिकों को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका था।
ड्रोन कैमरे से हुई निगरानी, भारी फोर्स तैनात
कार्यवाही के दौरान करीब 150 पुलिसकर्मी और एक आरएएफ कंपनी मौके पर मौजूद रही। स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया। पीडब्ल्यूडी की टीम ने पहले दालमंडी चौक के पास फोटोस्टेट की एक दुकान को खाली कराया और फिर ड्रिलिंग मशीन से ध्वस्तीकरण शुरू किया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदारों की भीड़ जुट गई, हालांकि पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखा।
काशी विश्वनाथ मंदिर तक बनेगा सुगम मार्ग
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना सरकार के महत्वपूर्ण शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस सड़क को चौक से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर तक एक सुगम मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर तक पहुंचने में अब पहले जैसी भीड़भाड़ और जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
165 मकान चिह्नित, 2 करोड़ से अधिक बकाया
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 165 मकानों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया जा चुका है। इनमें से पहले 151 मकानों पर 1.78 करोड़ रुपए का बकाया था, जबकि 14 नए मकान जुड़ने के बाद यह आंकड़ा 2 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, देव दीपावली के बाद इन मकानों की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर ध्वस्तीकरण तेज किया जाएगा।
दालमंडी मास्टर प्लान: 60 फुट चौड़ी सड़क और अंडरग्राउंड व्यवस्था
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि दालमंडी गली, जो करीब 650 मीटर लंबी है, उसे 60 फुट चौड़ा बनाया जाएगा। इसमें 30 फुट सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। साथ ही बिजली, सीवर और पानी की सभी व्यवस्थाएं अंडरग्राउंड की जाएंगी। तारों के जंजाल को हटाकर इलाके को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
मार्केट बनेगी पहले से ज्यादा सुविधाजनक
सड़क चौड़ी होने के बाद दालमंडी का व्यापारिक स्वरूप और बेहतर होगा। विभाग के अनुसार, चौड़ीकरण के बाद दुकानों तक पहुंच आसान हो जाएगी और ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी। सभी भवनों का सर्वे और रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है। मुआवजा देने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
191 करोड़ का मुआवजा, 187 मकानों की नाप पूरी
इस परियोजना के लिए 191 करोड़ रुपए का मुआवजा निर्धारित किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने 17.5 मीटर चौड़ी सड़क के लिए 187 मकानों की चौड़ाई और गहराई की नाप पूरी कर ली है। अब तक चार लोगों ने अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री करा दी है, जिसके बाद एक मकान को गिराया भी जा चुका है।










