कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 81 वर्ष की उम्र में महाराष्ट्र के पुणे स्थित दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर है।

परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर आज दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे नवी पेठ स्थित बैकुंठ श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वायुसेना से राजनीति तक का सफर

सुरेश कलमाड़ी सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के पूर्व स्क्वाड्रन लीडर भी रहे। उन्होंने 1960 के दशक में NDA से प्रशिक्षण लेकर भारतीय वायुसेना जॉइन की थी और 1964 से 1972 तक देश की सेवा की। इस दौरान उन्होंने 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई। वायुसेना से रिलीज होने के बाद उन्होंने NDA में प्रशिक्षण कार्य भी किया।

संजय गांधी के जरिए राजनीति में एंट्री

वायुसेना से बाहर आने के बाद सुरेश कलमाड़ी ने पुणे में फास्ट फूड का व्यवसाय शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात संजय गांधी से हुई, जिन्होंने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र युवा कांग्रेस की कमान संभाली और 1982 में कांग्रेस की ओर से राज्यसभा पहुंचे।

कलमाड़ी 1996 और 2004 में पुणे से लोकसभा सांसद चुने गए। 1995-96 में वे नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे और रेल बजट भी पेश किया। 1996 में वे भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष बने और दो बार निर्विरोध इस पद पर चुने गए।

खेल प्रशासन और विवादों से जुड़ा नाम

साल 2000 से 2013 तक सुरेश कलमाड़ी एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के अध्यक्ष बनने के बाद उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। CBI और ED की जांच के बाद 2011 में उन्हें गिरफ्तार कर करीब 10 महीने जेल में रहना पड़ा। हालांकि, 2025 में जांच एजेंसियों ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट मिल गई।

सुरेश कलमाड़ी के निधन के साथ ही राजनीति और खेल प्रशासन के एक लंबे और चर्चित अध्याय का अंत हो गया।

News Rastra
Author: News Rastra

Leave a Comment

और पढ़ें