उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ही परिवार के तीन लोगों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका इलाके में स्थित एक बंद मकान से पति, पत्नी और उनकी बेटी के शव बरामद हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई है।
बदबू आने पर हुआ खुलासा
मंगलवार दोपहर स्थानीय लोगों को एक बंद मकान से तेज दुर्गंध महसूस हुई। पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था। जब दरवाजा तोड़कर पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई तो अलग-अलग कमरों में तीन शव पड़े मिले। शवों से तेज बदबू आ रही थी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता वैश्य और 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी वैश्य के रूप में हुई है। तीनों एक ही मकान में रहते थे और उनके शव अलग-अलग कमरों से बरामद किए गए हैं।
शरीर पर मिले चोट के निशान
प्रारंभिक जांच में तीनों शवों पर चोट के निशान पाए गए हैं। यही वजह है कि पुलिस इस मामले को सिर्फ आत्महत्या के नजरिए से नहीं देख रही है। हत्या की आशंका को भी गंभीरता से जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बेटे के लापता होने से बढ़ी रहस्य की गुत्थी
मामले को और रहस्यमय इस बात ने बना दिया है कि परिवार का बेटा फिलहाल लापता बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बेटे का पता चलने के बाद कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत कैसे हुई और उनका लापता बेटा कहां है।









