ज्योतिर्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गौहत्या के पाप के कारण आज हिंदू समाज अपने ही देश में अपमानित हो रहा है। वे बुधवार को किशनगंज में आयोजित गौमतदाता संकल्प सभा को संबोधित कर रहे थे। इस सभा में भारी संख्या में श्रद्धालु और गौभक्त उपस्थित रहे।
शंकराचार्य जी ने कहा कि हर सनातनधर्मी को यह संकल्प लेना चाहिए कि केवल वही उम्मीदवार उनका वोट पाने का हकदार होगा, जो चुनाव जीतने के बाद गोकशी बंद कराने और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का शपथपत्र दे। उन्होंने चेताया कि यदि हिंदू समाज इस दिशा में सचेत नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब आने वाली पीढ़ियां भी गौमांस खाने लगेंगी।
गौहत्या को बताया हिंदू विरोधी
अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गौहत्या को सहन करना, हिंदू होने की पहचान नहीं है।” उन्होंने गौहत्या को बढ़ावा देने वाले नेताओं और राजनीतिक दलों का बहिष्कार करने का आह्वान किया। साथ ही हर हिंदू परिवार से आग्रह किया कि अपने घरों के बाहर बोर्ड लगाएं – “यह हिंदू घर है, कृपया गोहत्यारी पार्टी और प्रत्याशी हमसे वोट की उम्मीद न करें।”
राजनीति पर तीखा प्रहार
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि आज की राजनीति और कई अधर्मी राजनेता केवल स्वार्थ के लिए गौमाता के प्राणों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब नेताओं को लगेगा कि अगर हम गोकशी कराएंगे तो सत्ता से हाथ धोना पड़ेगा, तब वे खुद को गोभक्त साबित करने के लिए सींग लगाकर घूमने लगेंगे।”
अन्य कार्यक्रम
सभा के बाद शंकराचार्य जी ने किशनगंज निवासी मनोज गट्टानी के घर रात्रि विश्राम किया। गट्टानी परिवार और विवेक शर्मा ने उनके चरण पादुका का पूजन कर आरती उतारी। इसके अतिरिक्त शंकराचार्य जी ने स्वर्गीय पं. कृष्णानंद उपाध्याय के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में प्रमुख लोग
कार्यक्रम में गौमतदाता संकल्प यात्रा के संयोजक स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुंदानंद गिरी, दीपक शर्मा, मनीष जालान, ललित मित्तल, छोटू पासवान, अखिलेश ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस संबंध में जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय और शैलेन्द्र योगी ने दी।










