Shubhanshu Shukla Return : भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने सफलतापूर्वक 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा पूरी करने के बाद ड्रैगन कैप्सूल के जरिये पृथ्वी पर वापसी कर ली है। इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें बधाई दी है और पूरे देश की ओर से उनका स्वागत किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुभांशु की वापसी पर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा, “मैं पूरे देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का पृथ्वी पर स्वागत करता हूं, जिन्होंने एक ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन को पूरा कर भारत का नाम रोशन किया। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले वे भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। उनका समर्पण, साहस और पथप्रदर्शक भावना करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है। यह मिशन हमारे गगनयान कार्यक्रम की दिशा में एक मजबूत कदम है।”
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा- “यह भारत के लिए गर्व का दिन”
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी शुभांशु शुक्ला की वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “आज भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक मजबूत और स्थायी पहचान बना ली है। यह एक गौरवपूर्ण क्षण है, क्योंकि हमारा सपूत अंतरिक्ष की चुनौतीपूर्ण यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर लौटा है। शुभांशु द्वारा किए गए वैज्ञानिक प्रयोग पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक और उपयोगी साबित होंगे। भारत अब न केवल अपनी क्षमताएं दिखा रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर लीडरशिप की ओर बढ़ रहा है।”
I join the nation in welcoming Group Captain Shubhanshu Shukla as he returns to Earth from his historic mission to Space. As India’s first astronaut to have visited International Space Station, he has inspired a billion dreams through his dedication, courage and pioneering…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 15, 2025
क्यों है यह मिशन खास?
-
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) का दौरा किया।
-
उनकी यह यात्रा गगनयान मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण और तैयारी मानी जा रही है।
-
मिशन के दौरान उन्होंने कई वैज्ञानिक प्रयोगों में हिस्सा लिया, जो भविष्य की अंतरिक्ष खोजों के लिए अहम हैं।










