आरजेडी में सोमवार को हुई अहम बैठक में तेजस्वी यादव को एक बार फिर विधायक दल का नेता चुन लिया गया। यह बैठक तेजस्वी यादव के आवास पर हुई, जहां लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी मौजूद रहे। शुरुआत में तेजस्वी इस जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन पार्टी के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से उन्हें अपना नेता मान लिया।
बैठक में संगठनात्मक एकजुटता पर जोर, परिवारिक विवाद पर चुप्पी
पार्टी को मजबूत और एकजुट रखने के संदेश के साथ यह बैठक खास रही। परिवार में चल रहे विवाद को लेकर किसी ने भी कोई टिप्पणी नहीं की। इस दौरान रमीज बैठक में नजर नहीं आए, जबकि तेजस्वी के बेहद करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव मौजूद रहे।
लालू यादव ने साफ किया- तेजस्वी ही पार्टी के भावी नेता
बैठक के बाद बाहर निकलते हुए आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने बताया कि लालू यादव ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि तेजस्वी यादव ने पार्टी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की है। इसलिए उन्हें ही पार्टी की कमान संभालनी चाहिए।
RJD को सिर्फ 25 सीटें, पिछली बार से 50 कम
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को बड़ा झटका लगा है। 2020 में 75 सीटें जीतने वाली पार्टी इस बार केवल 25 सीटों पर सिमट गई। यानी 50 सीटों की भारी कमी। हालांकि वोट शेयर के मामले में आरजेडी अभी भी सबसे आगे रही और उसे लगभग 23% वोट मिले।
नतीजों के बाद परिवारिक खींचतान खुलकर सामने आई
चुनाव परिणाम आने के बाद अचानक लालू परिवार में विवाद भी सार्वजनिक हो गया। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें परिवार से दूर कर दिया गया है। उन्होंने तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए। गौरतलब है कि रमीज आरजेडी के वॉर रूम की पूरी रणनीति संभालते रहे हैं।










