बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें ₹30 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से ठीक पहले भट्ट ने एक बयान जारी कर सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि पुलिस को “पूरी तरह गुमराह किया गया है।” लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
उदयपुर के व्यवसायी ने लगाया बड़ा आरोप
यह पूरा मामला उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है। 17 नवंबर को दर्ज हुई इस शिकायत में विक्रम भट्ट समेत आठ लोगों पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगाया गया है।
डॉ. मुर्डिया का दावा है कि विक्रम भट्ट और उनकी टीम ने उन्हें एक फिल्म प्रोजेक्ट में निवेश कराने के लिए भारी मुनाफे का लालच दिया था। यह फिल्म, उनकी दिवंगत पत्नी के जीवन पर आधारित एक बायोपिक बताई गई थी, जिसे उनके प्रति श्रद्धांजलि के रूप में तैयार किया जाना था।
₹200 करोड़ कमाई का लालच, लेकिन मिला धोखा?
शिकायत के अनुसार, विक्रम भट्ट ने डॉ. मुर्डिया को बताया था कि यह बायोपिक ₹200 करोड़ तक कमा सकती है, जिससे उन्हें भी बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा। इसी दावे पर भरोसा करते हुए डॉ. मुर्डिया ने करोड़ों रुपये का निवेश किया।
लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि प्रोजेक्ट की कोई वास्तविक प्रगति नहीं हुई थी और यह पूरा प्लान उनके साथ धोखाधड़ी कर धन उगाहने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच जारी
पुलिस ने इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए भट्ट से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। जांच अधिकारी आरोपों, लेन-देन के दस्तावेज़ और प्रोजेक्ट से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रहे हैं।
विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी के बाद फिल्म उद्योग में हलचल मच गई है, क्योंकि वह पिछले दो दशकों से बॉलीवुड के प्रतिष्ठित निर्देशकों में से एक रहे हैं।










