वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को कड़े लहजे में चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा है कि अगर रोड्रिग्ज अमेरिका की अपेक्षाओं के अनुरूप कदम नहीं उठातीं, तो उनका हाल राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से भी ज्यादा खराब हो सकता है।
ट्रम्प ने यह बयान द अटलांटिक मैगजीन को दिए गए इंटरव्यू में दिया। इससे एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने डेल्सी रोड्रिग्ज से बातचीत की है और वह वेनेजुएला में आम जनता की स्थिति सुधारने को लेकर अमेरिकी मांगों पर काम करने के लिए तैयार नजर आ रही हैं।
शर्तें मानीं तो सेना भेजने की जरूरत नहीं
न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक अन्य इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि यदि रोड्रिग्ज अमेरिका की शर्तें मान लेती हैं, तो वेनेजुएला में अमेरिकी सेना तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं दूसरी ओर, डेल्सी रोड्रिग्ज ने मादुरो को सत्ता से हटाए जाने की आलोचना करते हुए अमेरिका से मांग की है कि मादुरो को वापस वेनेजुएला भेजा जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी को सौंपी अंतरिम कमान
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति के सभी अधिकारों के साथ कार्यभार संभालने को कहा है।
ट्रम्प का दावा
रविवार रात एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने दावा किया कि फिलहाल वेनेजुएला की स्थिति पर अमेरिका का प्रभाव निर्णायक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज और उनकी टीम से सीधे संपर्क में है।
ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने अभी व्यक्तिगत रूप से रोड्रिग्ज से बात नहीं की है, लेकिन उनके करीबी सहयोगी लगातार संपर्क में हैं। सही समय आने पर वे खुद उनसे बातचीत करेंगे। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ने सहयोग के बदले रोड्रिग्ज को अब तक कुछ भी नहीं दिया, इसके बावजूद वह सहयोग कर रही हैं।
अमेरिका की नजर वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर
ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका की दिलचस्पी वेनेजुएला के तेल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों में है। उन्होंने कहा, “हमें तेल और देश की दूसरी चीजों तक पहुंच चाहिए, ताकि वेनेजुएला को दोबारा खड़ा किया जा सके।”
ट्रम्प ने वेनेजुएला को “मरा हुआ देश” बताते हुए कहा कि उसे फिर से पटरी पर लाना बेहद जरूरी है।
रूबियो ने ट्रम्प के दावे से बनाई दूरी
हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ट्रम्प के इस दावे से दूरी बनाते हुए कहा है कि वेनेजुएला पर अमेरिका का कोई कब्जा नहीं है। CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में रूबियो ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात को अमेरिकी नियंत्रण या अधिग्रहण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के पास सभी विकल्प खुले हैं, लेकिन फिलहाल जमीन पर अमेरिकी कब्जे जैसी कोई स्थिति नहीं है।
वेनेजुएला के लिए बनी विशेष अमेरिकी टास्क फोर्स
ट्रम्प ने रविवार को वेनेजुएला के लिए एक विशेष टास्क फोर्स के गठन का भी ऐलान किया। इस टीम में विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम वेनेजुएला में कानून-व्यवस्था बहाल करने, सरकारी संस्थानों को सक्रिय करने, तेल-ऊर्जा और सुरक्षा क्षेत्रों को स्थिर करने के साथ-साथ सत्ता के ट्रांजिशन को संभालने का काम करेगी।
मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाने का दावा
सूत्रों के अनुसार, 2 जनवरी की रात अमेरिकी सैनिकों ने कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया। इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
मादुरो दंपती पर हथियारों और ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाने की तैयारी की जा रही है।










