ट्रंप का ट्रिपल अटैक: क्यूबा, कनाडा और ब्रिटेन पर सख्त रुख, इमिग्रेशन मुद्दे पर अमेरिका में उबाल

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आक्रामक तेवरों में नजर आ रहे हैं। देश के भीतर इमिग्रेशन नीतियों को लेकर बढ़ते विरोध, संभावित सरकारी शटडाउन और सियासी दबाव के बीच ट्रंप ने एक साथ तीन देशों- क्यूबा, कनाडा और ब्रिटेन को निशाने पर लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम घरेलू असंतोष से ध्यान हटाने की रणनीति भी हो सकता है।

क्यूबा पर कड़ा रुख, तेल सप्लाई पर टैरिफ की चेतावनी

रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले किसी भी देश पर नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। इसके लिए ट्रंप ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करते हुए एक कार्यकारी आदेश को मंजूरी दी है, हालांकि टैरिफ की दरें अभी स्पष्ट नहीं की गई हैं।
क्यूबा सरकार ने इस फैसले पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे देश में बिजली उत्पादन, कृषि गतिविधियों और जल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ सकता है।

कनाडा को भी दी टैरिफ की धमकी

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने कनाडा को भी सख्त संदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कनाडा ने अमेरिकी कंपनी गल्फस्ट्रीम के कुछ बिजनेस जेट विमानों को मंजूरी नहीं दी, तो अमेरिका कनाडा में बने सभी विमानों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका-कनाडा व्यापारिक रिश्तों में पहले से ही तनाव बना हुआ है।

ब्रिटेन-चीन नजदीकी पर नाराजगी

इसी बीच ट्रंप ने ब्रिटेन की चीन के साथ बढ़ती आर्थिक नजदीकी पर भी असंतोष जताया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने इसे ‘खतरनाक’ करार दिया। हालांकि उन्होंने इसके पीछे की ठोस वजह स्पष्ट नहीं की, लेकिन माना जा रहा है कि अमेरिका चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर सतर्क है।

इमिग्रेशन नीतियों के खिलाफ देशभर में विरोध

इन अंतरराष्ट्रीय बयानों के समानांतर अमेरिका के भीतर ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को 46 अमेरिकी राज्यों में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘नो वर्क, नो स्कूल, नो शॉपिंग’ का नारा देते हुए जनजीवन ठप करने की कोशिश की। इस दौरान मिनियापोलिस में प्रदर्शन की कवरेज कर रहे वरिष्ठ पत्रकार छान लेमोन की गिरफ्तारी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

कुल मिलाकर, ट्रंप का यह ‘ट्रिपल अटैक’ जहां अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर अमेरिका की सख्ती को दर्शाता है, वहीं घरेलू स्तर पर उनकी नीतियों को लेकर बढ़ते असंतोष की तस्वीर भी सामने रखता है।

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Author: News Rastra

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