बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली भारी हार के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने परिणामों और चुनाव प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी इस चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
“बिहार की जनता से किए वादे पूरे करने चाहिए”
प्रियंका चतुर्वेदी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह पूरी तरह एनडीए का निर्णय है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, बिहार में जनता से जो वादे किए जाते हैं, उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। क्योंकि अक्सर वादे किए जाते हैं, लेकिन पूरे नहीं होते। महाराष्ट्र में लाडली बहना योजना शुरू करने के बाद जिस तरह सरकार ने उस पर फुल स्टॉप लगाया, वही रवैया यहां भी दिखता है।”
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रियंका ने बिहार चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि—
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“SIR को लेकर चर्चा हुई है।”
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“वोटर्स के लिए कई ट्रेनें चलाई गईं।”
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“इतनी एंटी इनकंबेंसी और वोट टर्नआउट के बावजूद ऐसे नतीजे आना सवाल खड़ा करता है।”
उन्होंने साफ कहा कि इन मुद्दों पर चुनाव आयोग को जवाब देना जरूरी है।
इलेक्शन कमीशन पर भी की टिप्पणी
प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी ने कुछ घोषणाएं कीं, तो चुनाव आयोग ने तत्काल आपत्ति जताई थी, लेकिन महाराष्ट्र और बिहार में जब इन्हीं बातों को एनडीए ने किया, तो आयोग सख्ती से नहीं पेश आया। यदि चुनाव फ्री और फेयर नहीं होगा, तो लोकतंत्र की बलि चढ़ जाएगी।”
उन्होंने जनता के फैसले का सम्मान करने की अपील की, साथ ही बिहार के विकास पर जोर दिया।
महागठबंधन की हार पर बोली प्रियंका
महागठबंधन की हार पर उन्होंने आत्ममंथन की बात कही। प्रियंका ने कहा, जनता तक संदेश सही ढंग से नहीं पहुंच पाया। चुनाव के आखिरी समय में सीएम चेहरा घोषित करना भी नुकसान का कारण बना। महागठबंधन को अपनी रणनीति और कमियों पर ध्यान देना होगा।










