लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे आने वाले वर्षों के विकास की मजबूत रूपरेखा बताया है। बजट में खास तौर पर श्रमिक कल्याण, उद्योग विस्तार, शिक्षा और युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है।
श्रमिकों के लिए नई पहल
शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए “लेबर अड्डों” की स्थापना का प्रस्ताव है। इन केंद्रों पर मजदूरों को सुरक्षित वातावरण और संगठित तरीके से काम के अवसर मिलेंगे।
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित कामगारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जा रही है। मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये का अनुदान जारी रहेगा।
निर्माण श्रमिकों के लिए पहली बार मोबाइल हेल्थ वैन की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, प्रदेश स्तर पर “उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन” का गठन किया गया है, ताकि युवाओं और श्रमिकों को देश-विदेश में बेहतर रोजगार अवसर मिल सकें।
उद्योग और आधारभूत ढांचे को मजबूती
सरकार ने चार चीनी मिलों की क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे गन्ना किसानों और चीनी उद्योग को फायदा मिलेगा। औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की योजना से प्रदेश में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एआई मिशन, डाटा सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई है। युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए टैबलेट वितरण योजना भी बजट का हिस्सा है।
शिक्षा में सुधार और नई योजनाएं
प्रदेश में स्मार्ट स्कूल और अटल आवासीय विद्यालय पहले से संचालित हैं, वहीं सीएम आवासीय विद्यालयों के लिए अलग बजट तय किया गया है।
परिषदीय, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अब कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी, जिससे इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम होगा।
समावेशी विकास की ओर कदम
योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम पूर्ण बजट है। इसमें रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत विकास पर खास ध्यान दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेज गति मिलेगी।










