वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पूर्वांचल के लिए विकास की कई नई सौगातों का ऐलान किया। सेवापुरी के बनौली गांव में आयोजित जनसभा के मंच से उन्होंने करीब 2200 करोड़ रुपये की 52 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” की 20वीं किस्त भी 9.70 करोड़ किसानों के खातों में जारी की।
किसानों को दिया भरोसा: कोई ब्रेक नहीं, कोई बिचौलिया नहीं
प्रधानमंत्री ने मंच से देशभर के किसानों से संवाद करते हुए कहा कि “पीएम किसान योजना” बिना रुके जारी है, और आज तक करीब पौने 4 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब 2019 में यह योजना शुरू हुई थी, तब सपा और कांग्रेस जैसे दल इसे लेकर भ्रम फैला रहे थे।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “ना कोई दलाल, ना कमीशन, ना घोटाला – किसानों के हिस्से का हर पैसा सीधा उनके बैंक खाते में।”
प्रधानमंत्री ने इसे सरकार की स्थायी व्यवस्था बताते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत घटाने के लिए ‘बीज से बाजार’ तक साथ खड़ी है।
किसानों की समृद्धि है सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भाजपा सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें घोषणाओं तक सिमटी रहती थीं, लेकिन आज की सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है।
ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष को घेरा
पीएम मोदी ने हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां पाकिस्तान इस सफलता से बौखलाया हुआ है, वहीं कांग्रेस और सपा नेताओं को आतंकियों के मारे जाने से पीड़ा हो रही है।
प्रधानमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “ये नया भारत है… अब आतंकियों पर कार्रवाई में किसी से पूछने की जरूरत नहीं।”
यूपी में निवेश का माहौल, अपराधियों में डर
पीएम मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक हब बनता जा रहा है। बड़ी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं, और इसके पीछे भाजपा की साफ-सुथरी, विकासोन्मुखी नीतियां हैं। उन्होंने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था, अब डर का माहौल है। निवेशक यूपी को भरोसेमंद भविष्य मान रहे हैं।”
व्यापारियों से अपील: स्वदेशी अपनाएं
प्रधानमंत्री ने अंत में व्यापार जगत से आह्वान किया कि वे इस वैश्विक अनिश्चितता के दौर में ‘स्वदेशी को प्राथमिकता’ दें। उन्होंने कहा कि “अब हम सिर्फ स्वदेशी वस्तुएं बेचें और खरीदें, यही देशभक्ति और महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”










