लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का घेराव करते हुए मनरेगा समेत कई मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि मनरेगा (NREGA) सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा सहारा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह महात्मा गांधी के नाम को हटाया गया, उससे सरकार की मंशा साफ झलकती है। उन्होंने बताया कि All India Congress Committee (AICC) देशभर में आंदोलन चला रही है और उसी क्रम में विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया था।
वहीं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि बैरिकेडिंग और पुलिस घेरा खड़ा कर सरकार जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में डंडे और डर के बल पर शासन नहीं चलता। सरकारें प्यार और भरोसे से चलती हैं, न कि बुलडोजर और खौफ से।
अजय राय ने आगे कहा कि सनातन की गुरु-शिष्य परंपरा और लोगों की आस्था को कोई सरकार या अदालत तय नहीं कर सकती। उन्होंने युवाओं की बेरोजगारी और परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि प्रदेश में डर का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है। “जब तक गांधी जी का आशीर्वाद और जनता का समर्थन हमारे साथ है, हम न रुकेंगे और न झुकेंगे,” उन्होंने कहा।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि हजारों कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में बदलाव कर सरकार ने मजदूरों के साथ अन्याय किया है और इसके खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।










