आबकारी नीति मामले में 23 आरोपी बरी, केजरीवाल को राहत, सीएम रेखा गुप्ता ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली। लंबे समय से चर्चित आबकारी नीति से जुड़े कथित घोटाला मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना की नेता के. कविता समेत अन्य 20 लोग आरोपी बनाए गए थे।

फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।

‘सही थे तो नीति वापस क्यों ली?’ – रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह निचली अदालत का निर्णय है और आगे उच्च अदालत में मामला जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह मामला सामने आया था, तब सबूतों से छेड़छाड़ की गई थी और करीब 150 मोबाइल फोन का डेटा नष्ट कर दिया गया था।

सीएम रेखा गुप्ता ने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर अरविंद केजरीवाल सही थे तो उन्होंने शराब नीति को वापस क्यों लिया? क्या वे यह कह सकते हैं कि जिस तरह इस पूरे सेक्टर को निजी हाथों में देने की दिशा में कदम उठाए गए, वह पूरी तरह सही था? दिल्ली की जनता के साथ बेईमानी क्यों की गई?”

‘शीशमहल’ और अन्य मुद्दों का जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में एक बार फिर ‘शीशमहल’ और स्कूल से जुड़े कथित घोटालों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है और सत्ता परिवर्तन के जरिए जवाब दे चुकी है।

रेखा गुप्ता ने कहा, “मुझे विश्वास है कि जब उच्च अदालत का आदेश आएगा, तब भी न्याय होगा।”

फिलहाल निचली अदालत के इस फैसले से आरोपियों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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Author: News Rastra

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