वाराणसी। कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी मामले में फरार चल रहे गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पीडी फार्मा प्रकरण में उसके खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया है। पुलिस के अनुसार शुभम इस समय दुबई में छिपा हुआ है।
हाल ही में रोहनिया के भदवर स्थित एक जिम के तहखाने से 500 पेटी कफ सीरप बरामद होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। अदालत ने शुभम को 30 मार्च तक पेश होने का निर्देश दिया है। यदि वह तय समयसीमा में कोर्ट में हाजिर नहीं होता है, तो पुलिस उसे भगोड़ा घोषित कराने के लिए परिवाद दाखिल करेगी। इसके बाद दुबई से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
18 दिसंबर को दर्ज हुआ था केस
औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने 18 दिसंबर को पीडी फार्मा के मालिक विष्णुकांत पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद, वाराणसी के लोकेश अग्रवाल, प्रतीक गुजराती, प्रयागराज के सुरेश चंद्र गुप्ता, फैजुर रहमान, मो. सैफ, सत्येंद्र कुमार साहू और कानपुर के विनोद अग्रवाल की संलिप्तता सामने आई।
शुभम को छोड़कर अन्य सभी आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। कोतवाली थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी अदालत ने शुभम को 30 मार्च तक पेश होने का आदेश दिया है।
हवाला के जरिए होती थी काली कमाई की सफेदी
जैतपुरा थाना क्षेत्र के औसानगंज-राजापुर निवासी मनोज कुमार ने खुलासा किया कि तस्करी से अर्जित काली कमाई को सफेद करने के लिए एलएमएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई गई थी। बनारस के हवाला एजेंट इस नेटवर्क को संचालित करते थे। त्रिपुरा, बांग्लादेश और कोलकाता से वाट्सएप के जरिए नोटों की डील तय होती थी और करोड़ों रुपये का लेन-देन कराया जाता था।
बताया जा रहा है कि इस रकम को एलएमएस इंफ्रा कंपनी में जमा कर वैध आय के रूप में दिखाया जाता था और फिर उससे संपत्तियां खरीदी जाती थीं।
घर पर चस्पा की गई कोर्ट की उद्घोषणा
एसीपी विजय प्रताप ने बताया कि अदालत की उद्घोषणा शुभम के प्रल्हादघाट स्थित आवास और सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दी गई है। यदि वह निर्धारित समय में पेश नहीं होता है तो उसे भगोड़ा घोषित कराने की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि दुबई में छिपे कफ सीरप माफिया की गिरफ्तारी के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है और जल्द ही इस मामले में बड़ा कदम उठाया जाएगा।










