वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लागू किए गए टैरिफ फैसले पर बड़ा मोड़ आ गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के पहले वाले टैरिफ आदेश को अवैध करार दिया है। इसके बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 फीसदी का अस्थायी ग्लोबल टैरिफ लागू करने की घोषणा कर दी है, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा।
भारत पर अब कितना टैरिफ?
हाल ही में भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया गया था। लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद अब भारत पर 18 फीसदी के बजाय 10 फीसदी टैरिफ ही लागू होगा।
इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक अंतरिम ट्रेड डील के ढांचे पर सहमति जताई थी। उसी दौरान ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्मक शुल्क को हटा दिया था। ट्रंप का कहना था कि भारत ने रूस से ऊर्जा आयात कम करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
150 दिन के लिए अस्थायी शुल्क
कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने एक नई घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत 150 दिनों की अवधि के लिए अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी श्रमिकों, किसानों और निर्माताओं के हितों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन सुधारने के लिए उठाया गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले सभी देशों पर फिलहाल 10 फीसदी टैरिफ लागू रहेगा। हालांकि स्टील और एल्युमीनियम पर धारा 232 के तहत 50 फीसदी और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25 फीसदी का शुल्क पहले की तरह जारी रहेगा।
ट्रेड डील पर क्या बोले ट्रंप?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “कुछ नहीं बदलेगा और भारत को शुल्क देना होगा।” हालांकि बाद में प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि कानूनी रूप से भारत पर अभी 10 फीसदी टैरिफ ही लागू होगा।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर आगे की स्पष्टता के लिए अगले सप्ताह एक भारतीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन डीसी का दौरा कर सकता है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील मार्च 2026 तक अंतिम रूप ले सकती है।










