नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति Donald Trump के टैरिफ आदेश को गैर-कानूनी करार दिए जाने के बाद भारत सरकार ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि उसने अदालत के फैसले को संज्ञान में लिया है और वॉशिंगटन की अगली नीतिगत गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, कोर्ट के आदेश और अमेरिकी प्रशासन की ताजा घोषणाओं के संभावित प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। स्थिति स्पष्ट होने और कानूनी पहलुओं की पूरी समझ बनने के बाद ही भारत अपनी ठोस प्रतिक्रिया तय करेगा।
पह्लाद जोशी ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत इस फैसले की विस्तृत समीक्षा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय कानूनी पहलुओं को समझने के बाद आधिकारिक बयान जारी करेंगे। जोशी ने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को बताया गैर-कानूनी
गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से दिए फैसले में ट्रंप प्रशासन के टैरिफ आदेश को अवैध ठहराया है। कोर्ट ने निचली अदालत के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।
जजों का मत था कि इस कानून के तहत राष्ट्रपति को व्यापक टैरिफ लगाने का वह अधिकार प्राप्त नहीं था, जिसका हवाला देकर ट्रंप प्रशासन ने शुल्क लागू किया था।
अब भारत समेत कई देशों की नजर अमेरिका की अगली रणनीति पर टिकी है, क्योंकि इस फैसले का वैश्विक व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है।










