MGKVP Convocation : वाराणसी में आयोजित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा कि आजकल लिव-इन रिलेशन का चलन बढ़ रहा है, लेकिन यह बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा “बेटियों, इस रास्ते पर मत चलिए, यह समाज शोषण करने वाला है। मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां लड़कियों के साथ रहने वाले युवकों ने बाद में उन्हें छोड़ दिया। यह बहुत दुखद है।
राज्यपाल आनंदीबेन ने कहा कि हाल ही में ऐसी कई घटनाओं की रिपोर्ट उन्हें मिली हैं, जिनमें लिव-इन में रहने वाली लड़कियों को छोड़ दिया गया और कुछ के साथ तो हिंसा भी हुई। “ये वही समाज है जो पहले फायदा उठाता है और बाद में किनारा कर लेता है। बेटियों को बहुत सतर्क रहना चाहिए,” उन्होंने कहा।
बेटियों की हिम्मत की सराहना
राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाकर छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। “मैंने 40 बेटियों से मुलाकात की। उनमें से चार ने अपने साथ हुए अत्याचारों के बारे में बताया — किसी ने पिता, किसी ने मामा, किसी ने काका, तो किसी ने पड़ोसी पर आरोप लगाया। लेकिन उन्होंने डरने के बजाय पुलिस में शिकायत की और दोषियों को जेल तक पहुंचाया। उनकी यह हिम्मत सराहनीय है,” उन्होंने कहा।
पॉक्सो एक्ट पर चिंता जताई
उन्होंने आगे बताया कि एक हाईकोर्ट के जज ने उनसे मुलाकात के दौरान पॉक्सो एक्ट को लेकर चिंता जताई थी। “उन्होंने कहा कि समय की कमी के कारण कई मामलों में न्याय देने में कठिनाई होती है। मैंने उनसे वादा किया कि मैं इस दिशा में काम करूंगी। मैंने सभी विश्वविद्यालयों से कहा कि वे सर्वे करें और देखें कि ऐसी बच्चियों की मदद कैसे की जा सकती है,” राज्यपाल ने कहा।
“लिव-इन समाज शोषण करता है”
राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने करीब 80 ऐसी लड़कियों से मुलाकात की, जिन्हें उनके साथियों ने लिव-इन में रहने के बाद छोड़ दिया। “किसी के पास एक साल का बच्चा था, तो किसी के पास दो महीने का। यह समाज शोषण करता है और फिर मुंह मोड़ लेता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में बढ़ती नशे और शराब की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंन कहा, “दो हॉस्टलों के बीच की जगहों पर शराब की बोतलें और ड्रग्स मिलते हैं। यह बहुत गंभीर समस्या है। इसे रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है,।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में हुआ दीक्षांत समारोह
इस वर्ष काशी विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह पहली बार कैंपस से बाहर, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह की शुरुआत की। कार्यक्रम में 101 विद्यार्थियों को 103 गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। विशेष बात यह रही कि इस बार तीन ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को भी स्नातकोत्तर की डिग्री दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में AIIMS नई दिल्ली की पद्मश्री प्रोफेसर सरोज चूड़ामणि मौजूद रहीं।










