वाराणसी में गंगा आरती की भव्य परंपरा अब नमो घाट तक विस्तार पा चुकी है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यहां से भी दैनिक गंगा आरती की शुरुआत कर दी है। अब हर शाम 6:45 बजे मां गंगा की आरती विधिवत रूप से संपन्न हो रही है, जिसमें प्रतिदिन तीन हजार से अधिक श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं।
वैदिक मंत्रों और शंखनाद के बीच शुरू हुई आरती
नमो घाट पर सात अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार और परंपरागत विधि से मां गंगा की पूजा-अर्चना की। आरती शुरू होते ही घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “हर-हर गंगे” के जयघोष से गूंज उठा। अब प्रतिदिन सात आचार्य नमो घाट पर तय समय पर गंगा आरती का आयोजन करेंगे।
भक्तों को नए घाट पर दिव्य अनुभव
विश्वनाथ मंदिर प्रशासन का कहना है कि नमो घाट पर आरती शुरू करने का उद्देश्य गंगा आरती की परंपरा को और व्यापक बनाना है, ताकि श्रद्धालु दशाश्वमेध घाट के अलावा एक और भव्य स्थान पर इस दिव्य आध्यात्मिक अनुभव का आनंद ले सकें।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने नमो घाट और आसपास के क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। घाट की सीढ़ियों और किनारों पर स्टील बैरिकेडिंग लगाई गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें भी सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं।
भक्तों में उत्साह
पहली बार नमो घाट पर आरती देखने पहुंचे श्रद्धालु आयोजन की भव्यता से अभिभूत नजर आए। गंगा तट पर की गई सजावट, दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नई शुरुआत से वाराणसी के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आरती के दौरान निर्धारित मार्गों का पालन करें और यातायात व्यवस्था में सहयोग दें, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।










