वाराणसी: मारुति नगर इलाके में बुनियादी सुविधाओं की पोल खुल गई है। नाले के ओवरफ्लो और बारिश के पानी के भारी जमाव के कारण पूरा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है। सड़कों पर लबालब भरे पानी ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों का पैदल चलना तक दूभर कर दिया है, जिससे लोग भारी फजीहत झेलने को मजबूर हैं।
नाव बनी आवागमन का एकमात्र सहारा क्षेत्र में पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि सड़कों ने ताल-तलैया का रूप ले लिया है। आलम यह है कि स्थानीय लोगों को मुख्य मार्गों और गलियों में आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। दैनिक जरूरतों के सामान के लिए भी लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बीमारी का खौफ और पलायन हफ्तों से ठहरे हुए और नाले के गंदे पानी के कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। दूषित पानी से उठती बदबू ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति इतनी विकराल हो चुकी है कि कई परिवारों ने अपने घरों में ताले लटका दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं।
प्रशासन की उपेक्षा से आक्रोश स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नाले की समय पर सफाई न होना इस जलभराव की मुख्य वजह बना हुआ है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
Author: News Rastra
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