दिल्ली के पूर्व लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को एक बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार, 4 अगस्त को जैन और अन्य पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी।
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि लंबे समय तक चली जांच के बावजूद जैन या अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून (POC Act, 1988) या किसी अन्य आपराधिक धारा के तहत कोई ठोस सबूत नहीं मिला। अदालत ने कहा कि केवल शक के आधार पर किसी पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, आरोप लगाने के लिए पुख्ता प्रमाण जरूरी होते हैं।
कोर्ट का साफ कहना था कि आरोपों और तथ्यों की पृष्ठभूमि को देखते हुए न तो किसी साजिश का संकेत मिलता है और न ही आगे किसी जांच या अदालती कार्रवाई की ज़रूरत है। यह मामला PWD में नियमों के खिलाफ प्रोफेशनल्स की भर्ती में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा था। इस संबंध में दिल्ली सरकार की विजिलेंस विभाग ने 29 जुलाई 2019 को एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर बाद में CBI ने जांच शुरू की थी।
AAP ने जताई खुशी, BJP पर किया पलटवार
कोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी में खुशी की लहर दौड़ गई। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए झूठे और बेबुनियाद CBI केस अब अदालतों में एक-एक कर धराशायी हो रहे हैं। इस मामले में वर्षों जांच के बाद भी CBI को कोई भ्रष्टाचार नहीं मिला और आज कोर्ट ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया।”
भारद्वाज ने आगे कहा कि जब अरविंद केजरीवाल के मंत्रियों पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं तो बीजेपी खूब शोर मचाती है और बदनाम करने की कोशिश करती है। अब जब सत्येंद्र जैन को क्लीन चिट मिली है, तो बीजेपी को न केवल जैन बल्कि उनके पूरे परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।










