लखनऊ। बीजेपी के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह अपने विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि “अगर हिंदू लड़के मुस्लिम लड़कियों को लेकर आएंगे, तो उन्हें नौकरी दी जाएगी।” इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है और इसे समाज को बांटने वाला बयान बताया है।
अखिलेश यादव ने की निंदा
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से बातचीत में राघवेंद्र प्रताप सिंह के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा, “ऐसे नेता खुद को बैन कराना चाहते हैं, इसलिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। ऐसे नेताओं पर प्रतिबंध लगना चाहिए।”
योगी सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने इस मौके पर योगी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अगर आंकड़ों को देखा जाए तो पूरे देश में सबसे ज्यादा महिलाएं उत्तर प्रदेश में असुरक्षित हैं। सरकार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।”
बीजेपी और आरएसएस पर हमला
बीजेपी की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मूल रूप से आरएसएस से निकली है। जब पार्टी का गठन हुआ था, तब उसके अध्यक्षीय भाषण में यह कहा गया था कि पार्टी समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा का पालन करेगी। लेकिन जैसे वे आज झूठ बोलते हैं, वैसे ही उन्होंने तब भी झूठ बोला था।”
उन्होंने आगे कहा, “क्या उनका रास्ता सच में धर्मनिरपेक्ष है? क्या यह समाजवादी है? देश की अर्थव्यवस्था चीन को सौंप दी गई है। अमेरिका हर दिन दबाव बना रहा है, और सरकार ने उनके लिए बाजार खोल दिए हैं, जबकि देश के असली मुद्दों से जनता को भटकाया जा रहा है।”
बीजेपी नेताओं पर भी कसा तंज
सपा प्रमुख ने कहा, “जब बीजेपी सरकार के वरिष्ठ नेताओं को अच्छे इलाज की जरूरत होती है, तो वे मेदांता अस्पताल जाते हैं — और यह वही अस्पताल है जिसकी स्थापना समाजवादी सरकार ने की थी।”
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “मैं उत्तर प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि समाजवादी सरकार आने पर गरीब परिवारों के किसी भी सदस्य का इलाज मुफ्त में कराया जाएगा। राज्य के हर नागरिक को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं बिना अतिरिक्त खर्च के मिलेंगी।”










