बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। अब खबर है कि निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक आयोग बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का कार्यक्रम घोषित करेगा।
अक्टूबर में हो सकता है चुनावी बिगुल
संभावना जताई जा रही है कि दशहरा और दिवाली के बीच चुनाव तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को 30 सितंबर तक SIR की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। इस बीच आयोग सुप्रीम कोर्ट में लंबित कानूनी मामलों पर भी नजर रख रहा है। बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को जारी होगी।
राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक
सितंबर के पहले हफ्ते में आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ अहम बैठक की थी। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने SIR की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को मतदाता सूची का अद्यतन, पुराने रिकॉर्ड का मिलान, अवैध प्रवासियों की पहचान और संशोधित सूची तैयार करने जैसे कार्य 10–15 दिनों में पूरा करने को कहा गया।
पिछली बार कब हुआ था SIR?
अधिकांश राज्यों में आखिरी बार SIR 2002 से 2004 के बीच हुआ था। आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा और निष्पक्ष बनाना है। इसमें विदेशी अवैध मतदाताओं को हटाना भी शामिल है।
कितने चरणों में होगा चुनाव?
संभावना है कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव दो से तीन चरणों में कराए जाएंगे। पिछली बार (2020) तीन चरणों में मतदान हुआ था
-
पहला चरण: 28 अक्टूबर
-
दूसरा चरण: 3 नवंबर
-
तीसरा चरण: 7 नवंबर
2020 में सीटों का समीकरण
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं। 2020 में एनडीए ने बहुमत हासिल किया था। वर्तमान में स्थिति इस प्रकार है:
-
एनडीए: 132 सीटें (बीजेपी 78, जेडीयू 45, हम 4)
-
महागठबंधन: 110 सीटें (आरजेडी 75, कांग्रेस 19, वाम दल 16)









