उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा के राजनीतिक फार्मूले पीडीए को नया नाम देते हुए ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ करार दिया और कहा कि विपक्ष का मकसद सिर्फ परिवार का विकास करना है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में राज्य की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष कूपमंडूक (कुएं का मेंढक) की तरह सीमित सोच रखता है। उन्होंने शायराना अंदाज में सपा पर तंज कसते हुए कहा, “बड़ा हसीन है इनकी जुबान का जादू, लगाकर के आग बहारों की बात करते हैं”।
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले सपा शासन में अराजकता और भ्रष्टाचार का माहौल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं, किसी भी नौकरी में अब रिश्वत नहीं लगती और बिना भेदभाव व तुष्टीकरण के योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 से 2017 तक, कुछ अपवादों को छोड़कर, यूपी की स्थिति काफी खराब थी। उद्योग बंद हो रहे थे, संसाधन होने के बावजूद विकास की रफ्तार धीमी थी। 1950-60 के दशक में यूपी की राष्ट्रीय जीडीपी में 14% हिस्सेदारी थी, जो 2016-17 में घटकर सिर्फ 8% रह गई। उस समय प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत का एक-तिहाई हो गई थी और राज्य का बजट केंद्रीय करों पर निर्भर था।
योगी ने बताया कि 2016-17 में जहां यूपी की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह वित्तीय वर्ष के अंत तक 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ राज्य नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।










