नई दिल्ली : मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष को चेतावनी जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की शिकायत के बाद की गई। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से खरगे के बयान पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
चेन्नई में दिया था विवादित बयान
दरअसल, मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को चेन्नई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने AIADMK और भाजपा के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “आतंकवादी” कहा था।
उन्होंने कहा था, “AIADMK के लोग अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, फिर मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती।”
खरगे ने आगे कहा था कि तमिलनाडु को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो भाजपा के सामने झुकें नहीं और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इसका उदाहरण हैं। उन्होंने AIADMK को भाजपा की “मूक-गुलाम सहयोगी” भी बताया।
बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
खरगे के बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि “142 करोड़ भारतीयों का अपमान” बताया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया है।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद खरगे ने अपने बयान पर सफाई भी दी, लेकिन मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक घमासान और तेज हो सकता है।









