मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी के रिलायंस पावर से जुड़े कथित ₹68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। ईडी ने अमर नाथ दत्ता नामक आरोपी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
तीन गिरफ्तारियां अब तक
ईडी की जांच में यह सामने आया है कि रिलायंस पावर से जुड़ी ₹68.2 करोड़ की कथित फर्जी बैंक गारंटी जारी की गई थी।
इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है —
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कंपनी के CFO अशोक कुमार पाल,
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ओडिशा की बिस्वाल ट्रेडलिंक कंपनी के एमडी पार्थ सारथी बिस्वाल, और
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अब अमर नाथ दत्ता।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित बैंक गारंटी के पीछे किसने मुख्य भूमिका निभाई और धन शोधन की पूरी श्रृंखला कैसे काम कर रही थी।
ईडी की कार्रवाई का असर शेयर बाजार पर
ईडी की कार्रवाई का सीधा असर शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को शेयर बाजार में देखने को मिला। बीएसई (BSE) पर रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि रिलायंस पावर के शेयर 2.53% गिरकर ₹40.04 पर पहुंच गए। रिलायंस इंफ्रा का शेयर ₹174.85 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले दिन की तुलना में ₹9.20 की गिरावट दर्शाता है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर ₹425 तक पहुंच गया था, लेकिन अब लगातार गिरावट का दौर जारी है।
कंपनी का बयान
रिलायंस ग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अनिल अंबानी का इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है। कंपनी ने बताया कि वह ईडी की जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है और सभी आरोपों को निराधार बताया है।
आगे की जांच जारी
ईडी अब यह जांच कर रही है कि यह फर्जी बैंक गारंटी कैसे तैयार की गई और इसके जरिए धन शोधन की प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था।अगले कुछ दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।










